भाजपा राज्य अध्यक्ष ने आज घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेते हुए इन समुदायों के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि इन जनजातियों ने भारतीय संस्कृति, परम्पराओं और हिन्दू धर्म के मूल सिद्धांतों को दूर-दराज़ क्षेत्रों में पहुँचाया, जिससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिली।

असम में छह जनजातियों द्वारा अनुसूचित जनजाति दर्जे की मांग के संदर्भ में, केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रक्रिया में समय लग सकता है, परन्तु उनका समर्थन अडिग रहेगा। यह बात पिछले महीने के बयान से स्पष्ट हुई, जहाँ जनजातीय मामलों के मंत्री ने कहा था कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

साथ ही, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ग़ुरेज़ पहाड़ों में घुमंतू बच्चों को टीका देने के कठिन प्रयासों को भी याद किया गया। उन्होंने 38 किलोमीटर की कठिन यात्रा कर, दस घंटे की पैदल यात्रा के बाद बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई, जिससे यह सिद्ध हुआ कि सरकार घुमंतू जनजातियों के कल्याण में हर संभव सहयोग देने को तैयार है।