गुम्मिडिपोंडी में एक फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट में बिहार के एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। इस घटना में तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए और छह अन्य को मामूली जलने की चोटें आईं। सभी घायल मजदूरों को विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने मजदूरों की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। रिसाइकलिंग यूनिट के पर्यवेक्षक को एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। यह घटना एक बड़े उद्योगिक हादसे की ओर इशारा करती है, जिसमें मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी की गई है।

इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन और उद्योग विभाग को इस मामले में जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जानी चाहिए। यह घटना हमें उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के महत्व की याद दिलाती है।