अमेरिकी सीनेट द्वारा रूसी तेल और गैस के प्रमुख खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक के शुल्क लगाने के लिए एक नए बिल को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद, नई दिल्ली ने शुक्रवार को कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। यह बिल भारत, चीन और अन्य देशों को प्रभावित कर सकता है जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं।

भारत ने कहा है कि वह इस मामले पर करीब से नजर रख रहा है और इसके परिणामों का आकलन कर रहा है। भारत रूस से तेल और गैस का एक बड़ा खरीदार है, और इस बिल के पारित होने से उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इस बिल के पारित होने से पहले ही, भारत ने अमेरिका से बातचीत करने और इस मुद्दे पर एक समझौते तक पहुंचने की कोशिश की है। भारत चाहता है कि अमेरिका इस बिल को वापस ले या इसे संशोधित करे ताकि इसका भारत पर कम से कम प्रभाव पड़े।

इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस पर निर्भर है। भारत को लगता है कि यह बिल उसकी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है, और वह इसके खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है।