भूटान के परो शहर में आयोजित इस प्रथम सचेत भोजन शिखर सम्मेलन में विश्व के विभिन्न कोनों से आए प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ और कई देशों के कृषि मंत्री भाग ले रहे हैं। वे मानते हैं कि जलवायु‑प्रेरित अत्यधिक मौसम और निरंतर बढ़ते संघर्षों के कारण खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर खामियां उत्पन्न हो रही हैं, जिससे केवल तकनीकी या आर्थिक समाधान पर्याप्त नहीं रहेंगे।

आयोजनकर्ता इस बात पर ज़ोर देते हैं कि भोजन के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव को पुनर्स्थापित करना आवश्यक है; इससे उपभोक्ता अपने खाने की प्रक्रिया में जागरूकता और सम्मान को बढ़ा सकते हैं। इस दिशा में ध्यान‑प्रशिक्षक, योग चिकित्सक और पारंपरिक ज्ञान के धनी लोग अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे किसानों को सतत खेती के नए मॉडल अपनाने में मदद मिलेगी।

यह शिखर सम्मेलन भारत‑जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन और मुंबई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा छह रेस्तरां पर लगाए गए प्रतिबंध जैसी हालिया घटनाओं के साथ जुड़ता है। इन घटनाओं ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति के मुद्दों को और अधिक उजागर किया है, जिससे भूटान का यह पहल अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नीति‑निर्माण में नई दिशा प्रदान कर सकती है।