एंडी बर्नहैम ने हाल ही में ग्रेटर मैनचेस्टर के सीईओ को नियुक्त किया, जिससे क्षेत्रीय शक्ति का विकेंद्रीकरण तेज़ हो रहा है और राष्ट्रीय नीति में उनका प्रभाव बढ़ रहा है। इस कदम को देखते हुए, बर्नहैम को अब आर्थिक असमानता को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है, विशेषकर आगामी बजट में। उनका लक्ष्य सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करना और नवउदारवादी नीतियों को उलटना है।
कम्पास थिंक टैंक की रिपोर्ट में १५ बाएँ विचारकों द्वारा ७० नीति विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें धन कर, मुफ्त व्यक्तिगत सामाजिक देखभाल और गैस‑बिजली नेटवर्क का सार्वजनिक स्वामित्व प्रमुख है। ये उपाय न केवल आय असमानता को घटाएंगे, बल्कि स्वास्थ्य और देखभाल सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, धन कर से उच्च आय वर्ग से संसाधन जुटाकर सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।
इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए बर्नहैम को ऊर्जा क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी, क्योंकि पिछले दिनों ब्रिटिश चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने उत्तर सागर के तेल‑गैस संसाधनों का उपयोग करने की सलाह दी थी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यू.एस.-भारत संबंधों में गिरावट के कारण आर्थिक स्थिरता के लिए घरेलू नीतियों को सुदृढ़ करना आवश्यक है। यदि बर्नहैम इन सभी पहलुओं को एकीकृत रूप से लागू करते हैं, तो असमानता में कमी और आर्थिक विकास दोनों संभव हो सकते हैं।

