अँडी बर्नहैम ने हाल ही में सरकार के दस‑वर्षीय सस्ते आवास कार्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव वापस ले लिया, जिसमें प्रारम्भिक दस अरब पाउंड की राशि को सामाजिक घरों के निर्माण पर पूरी तरह खर्च करने की बात थी। अब उन्होंने कहा कि इस राशि का केवल लगभग चालीस प्रतिशत भाग सामाजिक आवास पर ही खर्च होगा, जबकि शेष राशि शेल्टर, साझा स्वामित्व और अन्य सहायक आवासीय मॉडलों में वितरित की जाएगी। यह परिवर्तन बर्नहैम की नई जिम्मेदारी, ग्रेटर मैनचेस्टर के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी के रूप में, और उनके द्वारा इस क्षेत्र में शक्ति का विकेंद्रीकरण करने के प्रयासों के साथ जुड़ा है।
बर्नहैम और केयर स्टारमर के बीच हालिया ठंडी बैठक में सत्ता परिवर्तन की रूपरेखा तय की गई थी, जहाँ दोनों ने नागरिक सेवा तक पहुँच और नीति दिशा‑निर्देशों पर चर्चा की। इस बैठक के बाद बर्नहैम ने सामाजिक आवास के खर्च को सीमित करने का निर्णय लिया, जिससे उनके समर्थकों में निराशा उत्पन्न हुई। वहीं, स्टारमर सरकार ने इस कदम को संतुलित आवास नीति के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद स्पष्ट हो रहे हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों ने इस बदलाव को फंड के वास्तविक रणनीति को दर्शाने वाले ‘सक्रिय हिस्से’ के समान माना है, जहाँ निवेश की दिशा स्पष्ट होती है। बर्नहैम के इस निर्णय से यह संकेत मिलता है कि वह सामाजिक आवास के अलावा अन्य प्रकार के आवासीय विकल्पों को भी प्रोत्साहित करना चाहते हैं, जिससे व्यापक जनसंख्या की जरूरतें पूरी हो सकें। हालांकि, सामाजिक आवास के लिए निधियों की कमी को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने इस कदम की आलोचना की है और सरकार से अधिक स्पष्टता की माँग की है।

