चेन्नई के जिला चुनाव अधिकारी और ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन आयुक्त जीएस समीरन ने कहा कि यह गणना नहीं है, बल्कि ईवीएम की जांच और सत्यापन प्रक्रिया है। यह एक पूर्णतः पारदर्शी अभ्यास है जिसका उद्देश्य ईवीएम की विश्वसनीयता स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया 100% पारदर्शी है और ईवीएम की विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए की जा रही है।
यह प्रक्रिया चुनाव के दौरान ईवीएम की जांच और सत्यापन के लिए की जाती है। इसमें ईवीएम की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीमें शामिल होती हैं। उन्हें ईवीएम की जांच करने के लिए विशेष उपकरण और तकनीक का उपयोग करना होता है। यह प्रक्रिया चुनाव के दौरान ईवीएम की विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए की जाती है।
चेन्नई में चुनाव के दौरान ईवीएम की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें विशेषज्ञों की टीमें शामिल हैं जो ईवीएम की जांच कर रही हैं। उन्हें ईवीएम की जांच करने के लिए विशेष उपकरण और तकनीक का उपयोग करना होता है। यह प्रक्रिया चुनाव के दौरान ईवीएम की विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए की जाती है।

