ड्यूलिप ट्रॉफी के अर्ध-फ़ाइनल में पूर्वी टीम ने इशान किशन और वैभव सूर्यवंशी के सहयोग से शानदार जीत दर्ज की। इशान ने शुरुआती ओवरों में चालीस रन की सहज पारी खेली, जिससे टीम को शुरुआती स्थिरता मिली। वहीं, कप्तान ने अनबिटन उनतीस रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुँचाया, जिससे विरोधी टीम को दबाव में लाया गया। इस जीत में तेज़ गेंदबाज़ी ने भी अहम योगदान दिया, क्योंकि मुकेश और शमी के बादल जैसी गेंदबाज़ी ने प्रतिद्वंद्वी को 158 रन पर ही रोक दिया।
पिछले कुछ हफ्तों में इशान किशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया था। 29 जून को अंबती रायडू ने इशान को नंबर चार क्रम में जगह देने की बात कही थी, और 1 जुलाई को इशान ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में विश्व नंबर एक का स्थान हासिल किया था। इन उपलब्धियों ने उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाया, जिससे उन्होंने इस घरेलू टूर्नामेंट में भी अपनी काबिलियत का परिचय दिया। वैभव सूर्यवंशी को भी पूर्व कप्तान दिलीप वेंगारकर ने सचिन तेंदुलकर की तरह अनुशासन अपनाने की सलाह दी थी, और इस सलाह ने उनके खेल में निखार लाया।
दक्षिणी टीम ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन तेज़ गेंदबाज़ी की कमी और मध्यक्रम में निरंतरता न होने के कारण वे 158 रन पर ही रोक गए। इस परिणाम से पूर्वी टीम को फाइनल में जगह मिली, जहाँ वे अपने शत्रु को हराकर ट्रॉफी की ओर कदम बढ़ाएंगे। अब टीम को अपनी रणनीति को और सुदृढ़ करना होगा, क्योंकि फाइनल में मुकाबला और भी तीव्र होगा। इस जीत ने न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाया, बल्कि दर्शकों में भी उत्साह का संचार किया है।
