गिनी बिसाउ में एम्पॉक्स के प्रथम मामले सामने आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वायरस अब केवल अफ्रीकी महाद्वीप तक सीमित नहीं रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से अब तक 145 देशों में लगभग एक लाख नब्बे हजार प्रयोगशाला‑पुष्ट मामलों की रिपोर्ट हुई है, और इस बार बच्चों में अधिक गंभीर लक्षण देखे जा रहे हैं। इस रोग के लक्षणों में बुखार, त्वचा पर दाने और श्वसन संबंधी समस्याएँ शामिल हैं, जो समय पर उपचार न मिलने पर घातक हो सकते हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में संयुक्त राज्य में साइक्लोस्पोरा परजीवी के प्रकोप ने 145 लोगों को प्रभावित किया, जबकि हंटावायरस ने क्रूज़ जहाज़ पर 13 लोगों को संक्रमित किया और तीन की जान ली। इसी प्रकार, अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कमेंग में जंगल की आग को सशस्त्र सीमा बल, पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से नियंत्रित किया गया। इन घटनाओं ने स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को उजागर किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बहु‑क्षेत्रीय सहयोग और त्वरित प्रतिक्रिया आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एम्पॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक वैक्सीन अभियान, रोगी की शीघ्र पहचान और संपर्क ट्रेसिंग आवश्यक है। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को स्वच्छता, व्यक्तिगत सुरक्षा और लक्षणों की पहचान के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए। यदि इन उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, तो इस नई लहर को नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में संभावित महामारी को टाला जा सकता है।

