लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद के रूप में पद छोड़ने से इनकार करने के बाद एनसी ने अखून को निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई एनसी-कांग्रेस 2023 पूर्व-चुनाव समझौते का उल्लंघन है, जिसमें शक्ति साझा करने की बात कही गई थी।

डॉ. मोहम्मद जफर अखून ने एनसी और कांग्रेस के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया है, जिसमें उन्हें मुख्य कार्यकारी पार्षद के पद से इस्तीफा देना था। अखून के इस कदम से एनसी और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ गया है।

इस मामले में एनसी ने अखून को निष्कासित करने का फैसला किया है, जो एक बड़ा कदम है। यह फैसला लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। एनसी और कांग्रेस के बीच हुए समझौते का उल्लंघन करने वाले अखून को अब एनसी से निष्कासित कर दिया गया है।

इस घटना के बाद लद्दाख में राजनीतिक स्थिति गरमा गई है। एनसी और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ गया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है। अखून के निष्कासन के बाद लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।