एस जयशंकर ने एक पोस्ट में कहा कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा व्यावसायिक जहाजों और नाविकों पर हमलों की निंदा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है और उन्हें वर्तमान घटनाक्रमों के बारे में ईरान के दृष्टिकोण से अवगत कराया गया था।
भारत और ईरान के बीच संबंधों में यह एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक लंबा इतिहास रहा है। भारत ने हमेशा ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने का प्रयास किया है, और यह घटना इस प्रयास का एक हिस्सा है।
इस घटना के परिणामस्वरूप, भारत और ईरान के बीच संबंध और मजबूत हो सकते हैं, और दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में वृद्धि हो सकती है। यह घटना भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसके परिणामस्वरूप भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।

