गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस समूह के मुख्य तकनीकी अधिकारी और वरिष्ठ निदेशक शेन हंटली ने कहा कि साइबर रक्षा को कंप्यूटर की गति से करना चाहिए। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा में केवल बंद कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल और खुले वजन वाले मॉडल के बीच का द्वंद्व नहीं, बल्कि तेज़ और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है। इस बात को समझाते हुए उन्होंने हाल ही में संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर बनाने के आदेश का उल्लेख किया, जिससे तकनीकी प्रतिस्पर्धा में गति का महत्व स्पष्ट होता है।

हिंदुस्तान में भी तकनीकी विकास की गति तेज़ हो रही है। नई दिल्ली में हाई‑स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना ने 2027 में पहली धारा खोलने की योजना बनाई है, जिससे राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचा तेज़ी से उन्नत हो रहा है। इसी प्रकार, हैदराबाद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी को स्पीड पोस्ट पैकेजों के माध्यम से रोकने में सफलता पाई, जो दिखाता है कि तेज़ संचार और निगरानी प्रणाली सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। शेन हंटली ने कहा कि साइबर खतरों को रोकने के लिए भी ऐसी ही तेज़ी और सटीकता आवश्यक है।

इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि डिजिटल सुरक्षा को भी वास्तविक गति के साथ विकसित करना होगा। नीति निर्माताओं को चाहिए कि वे क्वांटम कंप्यूटिंग, उच्च गति संचार और उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को प्रोत्साहित करें, ताकि साइबर हमलों का जवाब उसी गति से दिया जा सके। गूगल के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रक्षा को कंप्यूटर की गति से नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और तेज़ तकनीकी उपायों को अपनाना अत्यावश्यक है।