गुलवीर ने ऐतिहासिक ५०००मी कांस्य पदक जीता, जबकि पैरा शॉट पुट में राणा ने स्वर्ण पदक जीता। यह गुलवीर का दूसरा पदक है। ट्रिपल जंपर प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते।

इस जीत के साथ, भारत के सक्षम ट्रैक और फील्ड एथलीटों के लिए कुल पदकों की संख्या १० हो गई है - ५ रजत और ५ कांस्य। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।

गुलवीर की जीत ने देश भर में उत्साह की लहर पैदा की है और लोगों को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। राणा की जीत ने भी पैरा एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती ताकत को प्रदर्शित किया है। ट्रिपल जंपर प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन की जीत ने भी देश के लिए गर्व का क्षण प्रदान किया है।

यह जीत भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह देश के एथलीटों को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी। गुलवीर, राणा, प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु थिरुमारन की जीत ने देश को गर्व से भर दिया है और उनकी उपलब्धि को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।