हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल धंधा ने आज कहा कि छात्रों की सुरक्षा को किसी भी राजनीतिक उद्देश्य के लिये समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात तब कही जब राज्य के न्यायपालिका के कार्यकर्ता स्कूलों का दौरा कर अवसंरचना और भोजन की गुणवत्ता में कई कमियों की ओर इशारा कर रहे थे। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिये कड़े कदम उठाए जाएंगे और स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को सख्त निगरानी में रखा जाएगा।
पिछले सप्ताह हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की थी, जिसमें शिक्षा क्षेत्र की कई पहलों को प्रमुखता दी गई थी। उसी समय लद्दाख में सरकारी स्कूलों में उच्च कक्षाओं में छात्र प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे सरकारी शिक्षा की विश्वसनीयता पर प्रकाश पड़ा। इन सकारात्मक प्रवृत्तियों के बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हरियाणा में सरकारी निधियों के दुरुपयोग के मामले में एक आयुक्त प्रशासनिक अधिकारी को हिरासत में लिया, जिससे शिक्षा विभाग में पारदर्शिता की आवश्यकता और स्पष्ट हुई।
इन सभी घटनाओं के प्रकाश में शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब स्कूलों में सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू किया जाएगा, ताकि छात्रों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि को रोकने के लिये निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा और स्कूलों में आवश्यक सुधारों को शीघ्रता से लागू किया जाएगा। यह कदम न केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षा प्रणाली में विश्वास को भी पुनर्स्थापित करेगा।

