हैती के राजधानी पोर्ट‑औ‑प्रिंस के निकट स्थित केन्सकोफ़ गांव में शनिवार‑रविवार को घातक गैंग हमले ने स्थानीय जनसंख्या को भयभीत कर दिया। सशस्त्र समूह ने अचानक गांव में प्रवेश कर कई घरों को जला दिया, कई लोगों की हत्या कर दी और पचास से अधिक व्यक्तियों को जबरन ले गए। इस हमले में कुल मिलाकर सैंतालीस लोगों की मौत हुई, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने इस घटना को निंदनीय कहा और तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा बल गैंग के सदस्यों को मारते हैं तो बंधकों की जान को खतरा हो सकता है, इसलिए बंधकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस प्रकार की हिंसा ने पहले झारखंड‑ओडिशा में हुए यूट्यूबर अपहरण और हत्या, तथा सेकुंडरबाद में छोटे बच्चे के अपहरण जैसी घटनाओं की याद दिला दी है, जहाँ अपराधियों ने भागते‑फिरते अपनी ही मौत देखी।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हैती सरकार से अपील की है कि वह इस प्रकार के संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए सशक्त कदम उठाए। स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा बलों को सुदृढ़ करना चाहिए और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करनी चाहिए। इस हमले ने फिर से यह स्पष्ट किया कि सामाजिक अस्थिरता और आर्थिक कठिनाइयाँ अपराधियों को उकसाती हैं, जिससे जनजीवन में भय और अनिश्चितता का माहौल बनता है।