हिंदुस्तान कांग्रेस ने हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत भर्ती किए गए कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बीजेडी सरकार ने अनुबंध प्रणाली को बढ़ावा देकर गजेटेड पदों को भी निगम के माध्यम से भर दिया है, जिससे आरक्षण के प्रावधानों का उल्लंघन हो रहा है। यह कदम दलित, पिछड़े वर्ग और गरीब वर्गों के लिए आरक्षित नौकरियों को अप्रत्यक्ष रूप से कमजोर कर रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुडा ने इस मुद्दे पर तीखा बयान दिया, उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है और यह अनुबंध प्रणाली को स्थायी बनाने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की नियुक्तियों से सरकारी सेवाओं में स्थिरता और जवाबदेही कम हो रही है, जिससे जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले कुछ हफ्तों में लंगटे के सफाईकर्मियों ने नियमितीकरण के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, ओस्मानिया विश्वविद्यालय के बेरोजगार छात्रों ने अनुबंध शिक्षक के नियमितीकरण की मांग की और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में विभिन्न सरकारी योजनाओं की कार्यान्वयन की समीक्षा की। इन सभी घटनाओं ने कांग्रेस की इस मांग को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है। अब पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और संसद में चर्चा का प्रस्ताव रख रही है।