जून के मध्य में, कोलंबिया के दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र में एक छोटे बस्ते में 99 पूर्व गुरिल्ला लड़ाकों को हेलीकॉप्टर से उतारा गया। उन्होंने एक-एक करके अपने राइफल, पिस्तौल, मशीनगन और ग्रेनेड लॉन्चर सरकार के अधिकारियों को सौंपे, साथ ही भारी टैक्टिकल वेस्ट, फील्ड पैक और छिपाव पोशाक को भी जला दिया। यह अनुष्ठान उन लोगों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक था, जिन्होंने छह दशकों में आधे मिलियन से अधिक लोगों की जान ली थी।

हालांकि, इस निरस्त्रीकरण को पिछले सरकार की 'सम्पूर्ण शांति' योजना के तहत केवल 30,000 सशस्त्र लड़ाकों में से 99 तक सीमित किया गया था। नई सरकार के राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने शांति समझौतों को अस्वीकार कर कठोर रुख अपनाया है, जिससे निरस्त्रीकरण के बाद के जीवन में अनिश्चितता बढ़ गई है। कई पूर्व गुरिल्ला सदस्य अब रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक पुनर्स्थापना के अवसरों की कमी को लेकर भयभीत हैं।

इसी बीच, कोलंबिया ने विश्व कप में समूह‑के शीर्ष स्थान हासिल किया, जहाँ उन्होंने पुर्तगाल के साथ शून्य-शून्य ड्रॉ करके समूह‑के विजेता का खिताब जीता। यह खेल सफलता राष्ट्रीय गर्व को बढ़ा रही है, परन्तु देश के भीतर सामाजिक असमानता और हिंसा की समस्याएँ अभी भी गहरी हैं। पूर्व गुरिल्ला लड़ाकों की स्थिति को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि खेल में जीत और वास्तविक जीवन में शांति के बीच का अंतराल अभी भी बड़ा है, और नई सरकार को इस अंतर को पाटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।