इंग्लैंड और वेल्स में इस साल जुलाई में इतिहास का सबसे कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इंग्लैंड में केवल 6.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत से केवल 10 प्रतिशत है। जबकि वेल्स में 9.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। यह आंकड़ा सामान्य औसत से काफी कम है और इससे किसानों और पर्यावरणविदों को चिंता हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह वर्षा की कमी का कारण गर्म और शुष्क मौसम है। इस साल जुलाई में तापमान सामान्य से अधिक रहा है, जिससे वर्षा की मात्रा कम हो गई है। इसके अलावा, वायुमंडल में आर्द्रता की कमी भी एक कारण हो सकती है।
वर्षा की कमी के कारण किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होगी। इससे जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा, पर्यावरणविदों को भी चिंता है कि वर्षा की कमी से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, सरकार और नागरिकों को मिलकर जल संचयन और वर्षा जल संचयन के तरीकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों में भी वर्षा की कमी बनी रह सकती है। इसलिए, किसानों और नागरिकों को अपनी तैयारी करनी चाहिए और जल संचयन के तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, सरकार को भी जल संचयन और वर्षा जल संचयन के लिए योजनाएं बनानी चाहिए।

