ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धा एवं उपभोक्ता आयोग ने २०२३ में ईहर्मनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसमें कंपनी ने मुफ्त डेटिंग सेवा का आभास देकर प्रिमियम सदस्यता के वास्तविक खर्च को छुपाया था। उपयोगकर्ताओं को प्रारम्भिक रूप से निःशुल्क सेवा का भरोसा दिलाकर बाद में स्वचालित नवीनीकरण के माध्यम से महंगे शुल्क ले लिये जाते थे, जिससे कई लोग अनजाने में सैकड़ों डॉलर का भुगतान कर बैठे।

फेडरल अदालत ने इस व्यवहार को भ्रामक और धोखाधड़ीपूर्ण माना, और ईहर्मनी को उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करने का आदेश दिया। अदालत ने कंपनी को स्पष्ट सदस्यता शर्तें प्रदर्शित करने, नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने और पहले से भुगतान किए गए अनावश्यक शुल्कों की वापसी करने का निर्देश दिया। इस निर्णय से ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफ़ॉर्मों में पारदर्शिता की माँग और भी तेज़ हो गई है।

पिछले कुछ हफ्तों में एसीसीसी ने अन्य डिजिटल सेवाओं के खिलाफ भी समान कार्रवाई की है, जैसे टर्टलमिंट के आईपीओ में निवेशकों के अधिकारों की रक्षा और विभिन्न म्यूचुअल फंडों की नई पेशकशों की निगरानी। इन घटनाओं ने उपभोक्ता जागरूकता को बढ़ाया है और नियामक संस्थाओं को डिजिटल बाजार में सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। इस प्रकार, ईहर्मनी के मामले ने ऑनलाइन सेवाओं में उपभोक्ता सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित की है।