इस्लामाबाद के सबसे बड़े राज्य अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के मातृ वार्ड में बुधवार की सुबह अचानक लगी आग ने पूरे विभाग को धधकते शिखरों में बदल दिया। अस्पताल के प्रबंधन के अनुसार, आग के समय वार्ड में पंद्रह नवजात शिशु और उनके माताओं का इलाज चल रहा था। तेज़ी से फैलते धुएँ और आग के कारण कई शिशु बच नहीं सके, जबकि बचाव दल ने कुछ शिशुओं को तुरंत बचाने की कोशिश की।
आग की जाँच में प्रारम्भिक संकेत मिलते हैं कि विद्युत तारा या किसी उपकरण में खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। इस घटना के बाद अस्पताल के प्रबंधन ने सभी वार्ड को तुरंत खाली कर दिया और प्रभावित परिवारों को आपातकालीन सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस त्रासदी ने देश भर में अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की कमी को लेकर बहस को तेज़ कर दिया है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में केओंझर में एक नवजात शिशु को झाड़ियों से बचाने और मिशिगन संगीत महोत्सव में मृत शिशु मिलने जैसी घटनाएँ सामने आई थीं।
सरकारी अधिकारियों ने इस घटना की पूरी जांच का आदेश दिया है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आपातकालीन निकासी योजना और आग सुरक्षा उपकरणों की नियमित जाँच को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। इस दुखद घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है, जहाँ न केवल चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता बल्कि रोगियों की सुरक्षा भी प्राथमिकता बननी चाहिए।

