टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा है कि जेएफसी का आईएसएल से बाहर निकलना एक लंबे समय से योजनाबद्ध रणनीतिक कदम है, जो किसी और चीज से जुड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील ने पिछले साल अपनी फुटबॉल रणनीति की समीक्षा शुरू की थी और फिर यह तय किया था कि कंपनी को अपनी पारंपरिक भूमिका में वापस आना चाहिए, जिसमें युवा प्रतिभाओं की पहचान और उनका पोषण करना शामिल है।

यह निर्णय लेने से पहले, टाटा स्टील ने अपनी फुटबॉल रणनीति का विस्तार से विश्लेषण किया था और यह तय किया था कि कंपनी को अपने मूल उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेएफसी का आईएसएल से बाहर निकलना इसी रणनीति का एक हिस्सा है।

टाटा स्टील वीपी ने यह भी कहा कि कंपनी अपने फुटबॉल विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी और युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उनका पोषण करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य फुटबॉल में उत्कृष्टता प्राप्त करना है।

जेएफसी का आईएसएल से बाहर निकलना एक महत्वपूर्ण निर्णय है, लेकिन टाटा स्टील वीपी के अनुसार, यह निर्णय कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य फुटबॉल में उत्कृष्टता प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने फुटबॉल विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी और युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उनका पोषण करने के लिए काम करेगी।