जमशेदपुर एफसी का आईएसएल से बाहर निकलना एक बड़ा झटका है, जैसा कि सुनील छेत्री ने कहा है। यह निर्णय न केवल जमशेदपुर एफसी के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फुटबॉल जगत के लिए एक बड़ा झटका है।
जमशेदपुर एफसी ने 2021-22 सीज़न में आईएसएल विजेताओं के ढाल का खिताब जीता था, और उनकी यह उपलब्धि भारतीय फुटबॉल में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक थी। लेकिन अब, उनके आईएसएल से बाहर निकलने के निर्णय ने इस युग को एक बड़ा झटका दिया है।
यह निर्णय न केवल जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फुटबॉल जगत के लिए एक बड़ा झटका है। यह निर्णय भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है, और इसके परिणामस्वरूप भारतीय फुटबॉल की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है।
सुनील छेत्री ने कहा है कि जमशेदपुर एफसी का आईएसएल से बाहर निकलना एक बड़ा झटका है, और यह निर्णय भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा है कि यह निर्णय न केवल जमशेदपुर एफसी के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फुटबॉल जगत के लिए एक बड़ा झटका है।

