जॉर्डन के अमान में आयोजित इस गोपनीय बैठक में सीरिया के विदेश मंत्री ने इज़राइल के मोसेद प्रमुख के साथ कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने जनवरी में स्थापित किए गए सूचना‑साझाकरण तंत्र को विस्तारित करने और इसे एक व्यापक सुरक्षा समझौते की नींव बनाने की इच्छा व्यक्त की। इस दौरान, दोनों देशों ने क्षेत्र में बढ़ते प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सामूहिक रणनीति बनाने की बात पर भी सहमति जताई।
पिछले कुछ हफ्तों में, अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सीरिया को हिज़्बुल्ला के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव, और इज़राइल के प्रधानमंत्री ने गाज़ा, लेबनान और सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति को स्थायी रखने का इरादा जाहिर किया था। इन घटनाओं ने मध्य पूर्व में अस्थिरता को बढ़ाया था, जिससे सीरिया और इज़राइल दोनों को अपने सुरक्षा हितों की पुनः समीक्षा करनी पड़ी। इस संदर्भ में, जॉर्डन में हुई मुलाक़ात दोनों देशों के लिए संवाद के नए मार्ग खोलने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सूचना‑साझाकरण तंत्र सफलतापूर्वक कार्य करता रहा तो यह भविष्य में संभावित सैन्य टकराव को रोकने में मददगार हो सकता है। साथ ही, इस तरह के कूटनीतिक प्रयासों से क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक पुनर्निर्माण के अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं। हालांकि, दोनों पक्षों को अभी भी कई जटिल मुद्दों, जैसे सीमा सुरक्षा, जल संसाधन और शरणार्थी समस्या, को सुलझाना होगा। इस मुलाक़ात की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन चुनौतियों को कैसे मिलजुल कर हल किया जाता है।

