जंतर मंतर में आज सुबह सुरक्षा बलों की विस्तृत तैनाती की गई, जिससे प्रदर्शनकारियों को बिना अनुमति के इकट्ठा होते ही तुरंत हटाया गया। पुलिस ने बताया कि स्थल पर किसी भी प्रकार का अवैध प्रदर्शन रोकने के लिए विशेष आदेश जारी किए गए थे। इस कदम से पहले, अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने दो रातों तक धरना दिया था, जिसमें उन्होंने आरक्षण नीति के खिलाफ आवाज़ उठाई थी।
पिछले दिनों में सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नेशनल एग्ज़ाम इन एंट्री टेस्ट (नीट) पेपर लीक के आरोपों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध किया था, और किसानों तथा छात्रों से समर्थन मांगा था। जंतर मंतर में उनके निरंतर प्रदर्शन ने प्रशासन को सतर्क कर दिया, जिससे आज सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। इस बार प्रदर्शनकारियों को हटाते समय कोई हिंसा नहीं हुई, परन्तु पुलिस ने भविष्य में संभावित उग्रता को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी।
अब प्रशासन का कहना है कि यदि कोई समूह वैध अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थल पर जुटता है तो उसे तुरंत हटाया जाएगा, और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। साथ ही, सरकार ने आरक्षण नीति पर संवाद की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे भविष्य में ऐसी असंतोषजनक स्थितियों से बचा जा सके।

