केरल जल प्राधिकरण ने स्यूज़ को जल पाइप नेटवर्क के संचालन और रखरखाव का कार्य सौंपा, जिसके तहत एक विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण में कोच्ची के पश्चिमी क्षेत्रों में कई पुरानी पाइपें लीकेज के कारण जल में अशुद्धियों का कारण बन रही थीं, जिससे जल की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा था। विशेषज्ञों ने कहा कि इन पाइपों को तुरंत बदलना आवश्यक है, ताकि जल स्रोतों को दूषित होने से बचाया जा सके और नागरिकों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा सके।
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में कम दबाव, पुरानी पाइपें और लीकेज के कारण जल प्रदूषण की घटनाएँ बार-बार सामने आईं, जिससे आपातकालीन जल आपूर्ति पर निर्भरता बढ़ी। इसी तरह, मुंबई में भारी बारिश के कारण पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफ़िक जाम हुआ, जिससे शहर की बुनियादी ढांचे की असुरक्षा स्पष्ट हुई। अरुणाचल प्रदेश में चकमा-हजोंग क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण और सड़कों की मजबूती की मांग भी प्रमुख रही। इन घटनाओं ने जल और बुनियादी ढांचे के प्रबंधन में सुदृढ़ योजना की आवश्यकता को रेखांकित किया, जिससे कोच्ची में पाइप प्रतिस्थापन को प्राथमिकता दी गई।
स्यूज़ ने बताया कि प्रतिस्थापन कार्य के लिए आवश्यक धनराशि और तकनीकी संसाधन पहले ही निर्धारित कर लिए गए हैं। नई पाइपें उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से निर्मित होंगी, जो लीकेज को न्यूनतम करेंगे और दीर्घकालिक टिकाऊपन सुनिश्चित करेंगे। इस पहल से न केवल जल प्रदूषण को रोका जाएगा, बल्कि भविष्य में संभावित आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता भी बढ़ेगी। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इस कार्य को शीघ्रता से पूरा किया जाएगा, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित जल उपलब्ध हो सके।

