कांग्रेस ने निर्वाचक आयोग को लिखित में बताया कि उत्तराखंड के किचहा विधानसभा क्षेत्र में एक मतदाता ने ६,४१० आपत्तियों के साथ नाम हटाने के बड़े पैमाने पर आवेदन दायर किए हैं। इसके अतिरिक्त, २६२ नागरिकों ने प्रत्येक ने दस से अधिक फ़ॉर्म ७ जमा कर कई बार नाम हटाने की मांग की है, जिससे सूची में बड़े बदलाव की संभावना बढ़ गई है। यह स्थिति चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाती है और तुरंत जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

ऐसी ही चिंताएँ असम, गुजरात और राजस्थान में भी देखी गईं, जहाँ बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाने के आवेदन दायर हुए थे। इस संदर्भ में, पिछले सप्ताह चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जम्मू और कश्मीर में वोटरों और बूथ स्तर के अधिकारियों से मुलाकात की थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी आवश्यक है। इन मुलाक़ातों में उन्होंने वोटरों की समस्याओं को सुनने और बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करने का वचन दिया था, जो वर्तमान में उत्तराखंड में उठाए गए सवालों से जुड़ी हुई है।

कांग्रेस ने निर्वाचक आयोग से आग्रह किया है कि इन बड़े पैमाने पर दायरियों की पूरी जांच की जाए और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाए। यह कदम आगामी चुनावों में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक माना गया है। साथ ही, आयोग को सभी संबंधित पक्षों को सूचित करने और प्रक्रिया में सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देने की भी सलाह दी गई है।