कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. पी. खड़गे ने आज संसद में सीमांकन संबंधी मुद्दे पर सभी दलों की बैठक का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि लोकसभा की सदस्यता को 543 से अधिक करने की कोई भी योजना पार्टी के सिद्धांतों के विरुद्ध है और इससे प्रतिनिधित्व की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में हुए विभिन्न विरोध प्रदर्शन और बैठकों का उल्लेख किया, जिससे यह स्पष्ट हो कि पार्टी विभिन्न स्तरों पर संवाद को महत्व देती है।

खड़गे ने 2029 के आम चुनाव में महिलाओं के आरक्षण की मांग को दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता के बिना लोकतंत्र अधूरा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने केरल में युवा कांग्रेस द्वारा नीट पेपर लीक के खिलाफ किए गए विरोध को समर्थन दिया है, जहाँ उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। इसी तरह, गुजरात और राजस्थान के राज्यपालों पर किसानों की बैठक में उठाए गए आरोपों को लेकर भी पार्टी ने कड़ी निंदा की थी।

लोकसभा स्पीकर द्वारा टीएमसी नेताओं से मिलने की योजना को लेकर भी खड़गे ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर विभिन्न विचारधाराओं को सुनना और समझना आवश्यक है, विशेषकर जब टीएमसी के एनसीपीआई के साथ विलय जैसे संवेदनशील मुद्दे सामने हों। इस प्रकार, कांग्रेस सभी दलों को एक मंच पर लाकर सीमांकन, महिलाओं के आरक्षण और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वित समाधान निकालने का आग्रह कर रही है।