ओनम का दशहरा उत्सव केरल से शुरू होकर दक्षिण भारत के कई शहरों में धूमधाम से मनाया जाता है, और कोइम्बटूर इस परम्परा को बड़े उत्साह के साथ अपनाता है। शहर के मुख्य मार्गों पर रंगीन पूकलम सजाए जाते हैं, जहाँ पारम्परिक संगीत और नृत्य के साथ स्थानीय लोग और पर्यटक मिलजुल कर उत्सव का आनंद लेते हैं। इस दौरान विभिन्न रेस्तरां और सामुदायिक हॉल विस्तृत सद्य मेन्यू पेश करते हैं, जिसमें इडली, पुट्टू, सादा राइस, विभिन्न प्रकार की सब्ज़ी और मीठे व्यंजन शामिल होते हैं।
हालाँकि, पिछले कुछ दिनों में ओडिशा में एक नाबालिग केटरिंग कर्मी पर हमला, कार्यालयों में बढ़ती महंगाई और तमिलनाडु में भारी बारिश जैसी घटनाओं ने भोजन संबंधी सुरक्षा और लागत के मुद्दों को उजागर किया है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि ओनम सद्य का आनंद लेते समय भोजन की स्वच्छता, कीमतों की स्थिरता और मौसम की स्थिति पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। कोइम्बटूर में कई प्रतिष्ठान इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता मानकों को कड़ाई से लागू कर रहे हैं और ग्राहकों को उचित मूल्य पर पारम्परिक स्वाद प्रदान कर रहे हैं।
कोइम्बटूर में ओनम सद्य का स्वाद लेने के लिए कुछ प्रमुख स्थान हैं: प्रथम, ‘सद्य हाउस’ जहाँ केरल के मूल व्यंजनों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ परोसा जाता है; द्वितीय, ‘केरल किचन’ जो विशेष रूप से समुद्री भोजन और नारियल तेल से तैयार व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है; तृतीय, ‘विलास रेस्टोरेंट’ जहाँ बड़े समूहों के लिए सामुदायिक दावत की सुविधा उपलब्ध है। इन सभी स्थानों पर आप पारम्परिक केरल मसालों और ताज़ा सामग्री के साथ तैयार किए गए सद्य का भरपूर आनंद ले सकते हैं, जिससे इस उत्सव का माहौल और भी यादगार बन जाएगा।
