कैम्ब्रिज प्रोफेसर जेसन अर्डे ने आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया है। उन पर प्लेगियारिज्म और अपने योग्यता और करियर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के आरोप लगे थे। अर्डे ने बुधवार रात एक बयान जारी कर कहा कि लगातार आरोप, अटकलें और सार्वजनिक टिप्पणियों ने उन्हें और उनके प्रियजनों पर गहरा असर डाला है।

अर्डे पर आरोप लगे थे कि उन्होंने अपने शोध पत्रों में दूसरों के विचारों को अपने बताया था। इसके अलावा, उन पर अपने करियर और योग्यता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के भी आरोप लगे थे। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने अर्डे के खिलाफ जांच शुरू करने का फैसला किया था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

अर्डे के इस्तीफे से शिक्षा जगत में हंगामा मच गया है। कई लोगों ने अर्डे के इस्तीफे की निंदा की है, जबकि कुछ ने उनके फैसले का समर्थन किया है। अर्डे के इस्तीफे से यह सवाल भी उठता है कि क्या विश्वविद्यालयों में प्लेगियारिज्म और योग्यता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की समस्या व्यापक है।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने अर्डे के इस्तीफे के बाद एक बयान जारी कर कहा कि वे अर्डे के खिलाफ जांच जारी रखेंगे। विश्वविद्यालय ने कहा कि वे अकादमिक ईमानदारी को बहुत महत्व देते हैं और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।