कनाडा के केंद्रीय बैंक के पूर्व प्रमुख मार्क कार्नी ने २४ अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कनाडा को अमेरिकी शुल्कों का प्रत्यक्ष रूप से डॉलर‑दर‑डॉलर जवाब नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिक लक्षित प्रतिशोधी कदम उठाकर कनाडाई कामगारों और उद्योगों को सुरक्षित रखा जा सकता है। इस प्रकार की नीति का उद्देश्य आर्थिक दबाव को कम करना और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।

पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर तनाव बढ़ा है। २७ जून को ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया, जिससे मध्य पूर्व में सुरक्षा माहौल बिगड़ गया। उसी समय, विश्व कप में कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को पराजित कर इतिहास रचा, जिससे देश के खेल और राष्ट्रीय गर्व में वृद्धि हुई। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को जटिल बना दिया है।

कनाडा की सरकार अब इस जटिल परिदृश्य को देखते हुए नई व्यापार नीति तैयार कर रही है। अधिकारी संकेत दे रहे हैं कि प्रतिशोधी शुल्कों को विशेष क्षेत्रों, जैसे कृषि और प्रौद्योगिकी, पर केंद्रित किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिले और विदेशी प्रतिस्पर्धा को संतुलित किया जा सके। इस कदम से दोनों देशों के बीच वार्ता की नई राह खुल सकती है, जबकि दोनों पक्षों को आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।