ट्रम्प प्रशासन ने सप्ताहांत में कई प्रमुख कनाडाई उत्पादों, जिनमें कारें, ट्रक और इस्पात शामिल हैं, पर ५० प्रतिशत तक का नया शुल्क लागू किया। यह कदम राष्ट्रपति के हालिया यूएस‑एमसीए समझौते को नवीनीकृत न करने के बाद आया, जहाँ उन्होंने दीर्घकालिक नवीनीकरण के बजाय वार्षिक समीक्षा की मांग की थी। इस निर्णय ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को फिर से बढ़ा दिया, जबकि कनाडा ने इस नीति को अस्वीकार करते हुए कूटनीतिक उपायों और प्रतिवादी शुल्कों की तैयारी का संकेत दिया।
अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्य, चाहे रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेट, ने ट्रम्प की इस कठोर नीति के खिलाफ आवाज़ उठाई है और उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ सहयोग से रोकने की मांग की है। २०१८ में पारित एक कानून ने अमेरिकी नागरिकों को विदेशी सैन्य खुफिया एजेंसियों को समर्थन देने से प्रतिबंधित किया, परन्तु नागरिक सुरक्षा एजेंसियों को छोड़ दिया गया था। इस बीच, यूके, कनाडा, फ्रांस और नॉर्वे ने इज़राइल के बस्तियों पर वेस्ट बैंक में हिंसा के लिए प्रतिबंध लगाए हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तनाव को और बढ़ा रहा है।
कनाडा की प्रतिक्रिया में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस नए शुल्क के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन में शिकायत दर्ज करेगा और साथ ही घरेलू उद्योगों को समर्थन देने के लिए वैकल्पिक उपायों की तलाश करेगा। इस परिप्रेक्ष्य में, पिछले महीने के फुटबॉल मैच में ईउस्टाकियो के देर से गोल ने कनाडा को एफ़ए विश्व कप में अष्टक में पहुंचाया था, जिससे राष्ट्रीय गर्व बढ़ा था। अब आर्थिक दबाव के सामने, कनाडा को अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ नई रणनीतियों की आवश्यकता होगी, ताकि वह इस चुनौती को पार कर सके।

