नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक आई तेज़ बाढ़ ने कई यात्रियों को फँसा दिया, जिनमें कर्नाटक के 28 लोग शामिल हैं। एसईओसी के अनुसार, इन यात्रियों में से अधिकांश बेंगलुरु शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि दो माइसूरु के और धारवाड़, उडुपी तथा विजयनगर के एक‑एक प्रतिनिधि भी इस आपदा में शामिल हैं। बाढ़ की तीव्रता ने स्थानीय सड़कों और पुलों को बाधित कर दिया, जिससे बचाव कार्य कठिन हो गया।

पिछले कुछ हफ्तों में कर्नाटक और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में कई आपात स्थितियों का सामना करना पड़ा है, जैसे हैदराबाद‑राजस्थान बस का जब्ती, नागासंद्रा मेट्रो में आग और तटीय कर्नाटक में भारी वर्षा की चेतावनी। इन घटनाओं ने राज्य की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को परखने का अवसर दिया, और अब इस बाढ़ आपदा में भी वही तंत्र सक्रिय है। स्थानीय प्रशासन ने पहले ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भेजी है और बचाव दलों को तैनात किया है।

वर्तमान में, राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय करने का निर्देश दिया है, ताकि बाढ़ से फँसे यात्रियों को शीघ्रतम समय में सुरक्षित निकाला जा सके। परिवारजनों को सूचित किया गया है कि वे सतत संपर्क में रहें और आधिकारिक सूचना स्रोतों पर भरोसा करें। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता की संभावना पर विचार किया जा रहा है, ताकि इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित लोगों को आवश्यक मदद मिल सके।