गोवती और पवार भारत से तीन में से दो थे जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय गे गेम्स 2026 में भाग लिया। गे गेम्स दुनिया की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय एलजीबीटीक्यूआईए+ खेल और सांस्कृतिक घटना है, जो हर चार साल में एक बार आयोजित की जाती है। यह आयोजन एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सकते हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं।
कर्नाटक के इन दो पदक विजेताओं ने राज्य से अनुरोध किया है कि वे समावेशी खेल स्थान बनाएं, जहां एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के खेल सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों की आवश्यकता है जहां वे अपनी पहचान के साथ खेल सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें।
अंतर्राष्ट्रीय गे गेम्स में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें इस आयोजन में भाग लेने का अवसर मिलने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल उनके लिए एक अवसर है अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का, बल्कि यह उनके लिए एक मंच भी है जहां वे अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं और समाज में बदलाव ला सकते हैं।
