कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोकायुक्त पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के अंग्रेजी अनुवाद और प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं। यह मामला पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी॰ज़॰ ज़मीर अहमद खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में मंजूरी से संबंधित है। राज्यपाल ने यह अनुरोध इसलिए किया है ताकि वे इस मामले में उचित निर्णय ले सकें।

लोकायुक्त पुलिस ने बी॰ज़॰ ज़मीर अहमद खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच की थी और उन्हें दोषी पाया था। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मंजूरी मांगी थी ताकि वे खान के खिलाफ मुकदमा चला सकें। लेकिन राज्यपाल ने अब तक मंजूरी नहीं दी है और उन्होंने लोकायुक्त पुलिस से अधिक जानकारी मांगी है।

इस मामले में राज्यपाल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें यह तय करना है कि खान के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाए या नहीं। राज्यपाल के निर्णय से खान के राजनीतिक भविष्य पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। खान कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने से पार्टी को नुकसान हो सकता है।

इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों में भी चर्चा हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने खान का बचाव किया है और कहा है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि खान के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जानी चाहिए ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सफलता मिल सके।