वन मंत्री रामलिंग रेड्डी को वन विभाग के प्रमुख के रूप में अभिमन्यु, जो दशहरा परेड में निशाने हाथी के रूप में भाग लेता है, को इस वर्ष की विजयदशमी परेड में शामिल करने की अनुमति देने का आग्रह किया गया है। मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने कहा कि अभिमन्यु न केवल वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर भी है, इसलिए उसे शाही विदाई देना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के समारोहों से जनता में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

पिछले महीने सुंदर्गढ़ जिले में चार सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए 20 किलोमीटर की भव्य विदाई परेड आयोजित की गई थी, जिसमें ग्रामीण, पूर्व छात्र और विद्यालय समुदाय ने बड़े उत्साह से भाग लिया। उसी प्रकार, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा शोकांजलि अर्पित करने की घटना ने सार्वजनिक समारोहों में सम्मान और श्रद्धा की भावना को उजागर किया। इन घटनाओं ने यह सिद्ध किया है कि सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सम्मान की परंपरा को जारी रखना जनता के मनोबल को बढ़ाता है।

अब अभिमन्यु को भी इसी परिप्रेक्ष्य में शाही विदाई देने की मांग बढ़ रही है। स्थानीय लोग और पशु संरक्षण संगठनों ने वन मंत्री से आग्रह किया है कि वह हाथी को परेड में शामिल करने की अनुमति दें, जिससे वह जनता के सामने अपनी गरिमा और शक्ति का प्रदर्शन कर सके। यदि यह अनुमति मिलती है, तो यह न केवल वन्यजीव संरक्षण के संदेश को सुदृढ़ करेगा, बल्कि दशहरा के सांस्कृतिक उत्सव में एक नई परम्परा स्थापित करेगा।