कोयंबटूर में ओणम का उत्सव अपने आप में एक सांस्कृतिक महोत्सव है, जहाँ शहर के विभिन्न कोने में पूकलम की रंगीन सजावट और केरल की विशिष्ट थाली‑सद्या देखी जाती है। इस वर्ष, भारतीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में कोयंबटूर और नीलगिरी में भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जिससे कई बाहरी कार्यक्रमों को पुनः नियोजित करना पड़ सकता है। इसलिए, उन स्थानों का चयन करना आवश्यक है जहाँ इनडोर व्यवस्था मजबूत हो और बारिश के बावजूद भोजन का आनंद लिया जा सके।

पिछले सप्ताह ओडिशा के बालासोर में एक छोटे कैटरिंग कर्मचारी पर हमला हुआ, जिससे सार्वजनिक समारोहों में सुरक्षा उपायों की महत्ता स्पष्ट हुई। कोयंबटूर के कई प्रतिष्ठित रेस्तरां ने इस घटना को ध्यान में रखते हुए अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ किया है, जिससे मेहमानों को सुरक्षित माहौल में ओणम सद्या का स्वाद मिल सके। इन रेस्तरां में से कुछ ने विशेष रूप से परिवारों और बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की है, जिससे हर वर्ग के लोग निश्चिंत होकर दावत का आनंद ले सकें।

वित्तीय दृष्टिकोण से भी इस वर्ष की दावत में एक नया पहलू उभरा है—‘ट्रीटफ्लेशन’ या महंगाई का दबाव। कई लोग बजट में कटौती के बावजूद ओणम की परम्परा नहीं छोड़ना चाहते, इसलिए रेस्तरां ने किफायती पैकेज और सामूहिक छूट की पेशकश की है। इस प्रकार, कोयंबटूर के प्रमुख भोजनालय जैसे ‘सद्या हाउस’, ‘केरल किचन’ और ‘पारम्परिक थाली’ न केवल स्वादिष्ट व्यंजन प्रदान करते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी सुलभ विकल्प उपलब्ध कराते हैं।