लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रावासों में शुल्क वृद्धि के बाद छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में सभी १८ छात्रावासों में शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे कई आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण वे विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय और प्रॉक्तर कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए, जहाँ उन्होंने शुल्क वृद्धि को वापस करने की दृढ़ मांग की।
प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों ने बताया कि यह वृद्धि न केवल उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव डालती है, बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य—समान अवसर प्रदान करना—को भी प्रभावित करती है। कई छात्रों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की नीतियों से विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल संवाद करने और समाधान निकालने का आग्रह किया।
वहीं विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि शुल्क वृद्धि का उद्देश्य छात्रावास सुविधाओं में सुधार और रखरखाव के खर्च को पूरा करना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेंगे और उचित समाधान के लिए एक समिति का गठन करेंगे। इस बीच, छात्रों ने कहा कि वे तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

