केरल के मूझियार पुलिस थाने ने ओणम के त्यौहार के अवसर पर जनजातीय बस्तियों के निवासियों को थाने में आयोजित भोज में भाग लेने का निमंत्रण दिया। जब पुलिस दल बस्तियों में पहुँचा, तो उन्होंने देखा कि चार परिवारों को रोज़मर्रा की भोजन व्यवस्था में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सहायता का हाथ बढ़ाया और इन परिवारों को पर्याप्त भोजन सामग्री प्रदान की।

पिछले कुछ हफ्तों में केरल में विभिन्न सामाजिक घटनाएँ घटी हैं; जैसे कि बीजेडी कार्यकर्ताओं द्वारा बाल शोषण के आरोपों पर विरोध, ऑस्ट्रेलिया के संसद प्रमुख के द्वारा शिवागिरी मठ का दौरा, तथा युवा कांग्रेस द्वारा नीट पेपर लीक पर विरोध प्रदर्शन। इन घटनाओं ने राज्य में सामाजिक संवेदनशीलता को उजागर किया है, और मूझियार पुलिस की यह पहल इस संवेदनशीलता को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करती है।

पुलिस ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे जनजातीय बस्तियों की नियमित निगरानी की जाएगी और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान की जाएगी। इस कदम से जनजातीय समुदाय में आशा की भावना उत्पन्न हुई है और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई है। यह पहल केरल में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सराही जा रही है।