अखिल भारतीय मुस्लिम व्यक्तिगत कानून बोर्ड ने तसलीमा नासरीन के मदरसों पर दिए गए बयान की निंदा की है और कहा है कि यह एक विदेशी नागरिक द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का एक ‘अनुचित प्रयास’ है। बोर्ड ने सरकार से शरणार्थियों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से रोकने का आग्रह किया है।
तसलीमा नासरीन ने मदरसों पर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने मदरसों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। अखिल भारतीय मुस्लिम व्यक्तिगत कानून बोर्ड ने इस बयान को ‘भड़काऊ’ और ‘अनुचित’ बताया है। बोर्ड के अनुसार, यह बयान भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का एक प्रयास है।
अखिल भारतीय मुस्लिम व्यक्तिगत कानून बोर्ड ने सरकार से आग्रह किया है कि वह शरणार्थियों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से रोके। बोर्ड के अनुसार, यह आवश्यक है कि सरकार शरणार्थियों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
इस मामले में अखिल भारतीय मुस्लिम व्यक्तिगत कानून बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वह मदरसों के खिलाफ किसी भी तरह के बयान या कार्रवाई का समर्थन नहीं करता है। बोर्ड के अनुसार, मदरसे भारत के शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें सम्मान और सुरक्षा दी जानी चाहिए।

