जापान के चिबा प्रान्त और दक्षिण कोरिया के कई शहरों में पिछले हफ्ते से लगातार तेज़ बारिश हुई, जिससे जल स्तर में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। 13 अगस्त को चिबा शहर में केवल एक घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि निकटवर्ती साकुरा ने एक घंटे में 97 मिलीमीटर की रिकॉर्ड तोड़ी। यह तीव्र वर्षा पिछले दिनों के मौसम पूर्वानुमानों से भी स्पष्ट थी, जहाँ 7, 8 और 9 जून को जारी किए गए मौसम रिपोर्टों में भी भारी वर्षा की संभावना का संकेत दिया गया था, जिससे इस आपदा की तैयारी में मदद मिली।
भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। चिबा प्रान्त में 100,000 से अधिक घरों को खाली करने का आदेश दिया गया, और 20,000 से अधिक परिवारों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। टोक्यो के नारिता हवाई अड्डे पर हजारों यात्रियों को फँसना पड़ा, जबकि कम से कम तेरह लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जिनमें से तीन लोग अपनी गाड़ियों में फँसे हुए मिले। एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिससे बचाव कार्य जारी है।
स्थानीय प्रशासन ने पाँचवाँ आपातकालीन चेतावनी स्तर जारी किया, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है और मई में लागू प्रणाली के बाद पहली बार लागू हुआ। इस चेतावनी के तहत व्यापक निकासी और राहत कार्य तेज़ी से चलाए जा रहे हैं। साथ ही, प्रशांत महासागर में तूफान लाला ने हवाई द्वीपसमूह को भी प्रभावित किया, जिससे अतिरिक्त आपदा प्रबंधन की आवश्यकता उत्पन्न हुई। अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और आवश्यक निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

