शेख हसीना, ७८ वर्ष, दिसंबर में वापसी की योजना बना रही हैं, जो उनकी सरकार के सत्ता से बाहर होने के दो साल बाद होगी। उन्होंने कहा है कि वह अपने देश में वापसी करने के लिए तैयार हैं, भले ही उन्हें मृत्युदंड का सामना करना पड़े।

उन्होंने कहा, “वे मुझे जेल में डाल सकते हैं। वे मुझे मार सकते हैं। कुछ भी हो सकता है, लेकिन मुझे वापस जाना ही होगा।” यह बयान उन्होंने दो साल बाद दिया है, जब छात्रों के नेतृत्व में एक खूनी विद्रोह ने उनकी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था।

शेख हसीना की वापसी की योजना बांग्लादेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत देती है। उनकी सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। उनकी वापसी से देश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है।

शेख हसीना की वापसी की योजना का समर्थन कई राजनीतिक दलों ने किया है। उन्हें उम्मीद है कि उनकी वापसी से देश में राजनीतिक स्थिरता आएगी और लोगों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा। हालांकि, उनकी वापसी के खिलाफ भी कई आवाजें हैं, जो उनकी सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों को उठा रही हैं।