ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ के प्रकोप से पहले ही रेनी वहाँ मौजूद थीं, लेकिन अचानक बाढ़ के तेज़ बहाव ने उन्हें लापता कर दिया। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ ने कई गांवों को पूरी तरह से डुबो दिया है और सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया है। इस आपदा में नेपाल के कई दूरदराज़ क्षेत्रों में सहायता पहुंचाना कठिन हो गया है, जिससे खोज कार्य और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
रेनी के साथी और दो बेटियों ने ऑस्ट्रेलिया में एक निधि संग्रह अभियान शुरू किया है, ताकि वे नेपाल के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में स्वयं खोज टीम के रूप में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि उनकी बहन का ध्यान हमेशा नेपालियों की मदद पर रहा है, और वह इस कठिन समय में उनके लिए प्रार्थना करती रहेंगी। परिवार ने स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय दानदाताओं से सहयोग की अपील की है, ताकि बाढ़ से विस्थापित लोगों को भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता मिल सके।
यह मानवीय संकट वैश्विक स्तर पर अन्य बड़े समाचारों के बीच भी अनदेखा नहीं रहना चाहिए; जैसे विश्व कप में स्पेन की जीत और बांग्लादेश में चीन के साथ आर्थिक सहयोग की खबरें प्रमुख थीं, परन्तु नेपाल की बाढ़ से उत्पन्न मानवीय आपदा को भी समान महत्व देना आवश्यक है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि वह तुरंत राहत सामग्री भेजे और खोज‑बीन में सहयोग करे, ताकि लापता व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से वापस लाया जा सके। इस प्रकार, रेनी के परिवार की पहल न केवल व्यक्तिगत खोज को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मानवीय एकजुटता की भी पुकार है।

