विदेश मामलों की मंत्री पेनी वोंग ने आज संसद में इज़राइल की सेना (आईडीएफ) द्वारा फ्रैंककम हत्या की जांच न करने के निर्णय को ‘विशेष रूप से अपमानजनक’ कहा और कहा कि सरकार इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने बताया कि इस निर्णय के बाद इज़राइल के राजदूत को बुलाकर इस मुद्दे पर स्पष्ट चर्चा की जाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है। वोंग ने यह भी कहा कि इस प्रकार की अनदेखी मानवाधिकारों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही, रात देर से पारित जुए की नई सुधार विधेयक ने विज्ञापन पर प्रतिबंध और ‘ऑप्ट‑आउट’ रजिस्टर की व्यवस्था को क़ानून में स्थापित किया। यह विधेयक कई घंटे की बहस के बाद बिना किसी संशोधन के पास हुआ, जिससे जुए के शिकार विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सामाजिक संगठनों की आशा बढ़ी। वोंग ने कहा कि यह कदम न केवल जुए की लत को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी बचाएगा।
पिछले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया के मुख्य व्हिप ली रेगिनाल्ड टार्लामिस की केरल के शिवागिरी मठ की यात्रा ने भी इस देश के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नई परत जोड़ दी। वहीं, भारतीय पेननी स्टॉक्स की तेज़ी‑धीमी की खबरों ने निवेशकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी, जहाँ कुछ स्टॉक्स ने छह महीने में 125 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी, जबकि अन्य ने एक महीने में 55 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की। इन सभी घटनाओं ने ऑस्ट्रेलिया की घरेलू और विदेश नीति दोनों को एक साथ उजागर किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार को कई मोर्चों पर संतुलन बनाना होगा।

