सेवानिवृत्त वायु मार्शल ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तान एस‑400 रॉकेट प्रणाली के वास्तविक स्थान को खोजने के लिए 'निराश' है और इस दिशा में जासूसों तथा सोते हुए सेल्स को सक्रिय कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों के मद्देनज़र अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है, इसलिए पाकिस्तान ने गुप्त सूचना नेटवर्क को विस्तारित करने का निर्णय लिया है।
पाकिस्तान की इस कदम को समझने के लिए पिछले कुछ हफ्तों की घटनाओं को देखना आवश्यक है। 29 जून को अफगानिस्तान सीमा पर किए गए हमलों में 29 लोगों की मौत हुई, जिससे सीमा सुरक्षा पर नया दबाव आया। इसी दौरान, अमरनाथ यात्रा में सभी-स्त्री सीआरपीएफ कंटिंजेंट को सुरक्षा बढ़ाने के लिए तैनात किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं में देशों को नई रणनीतियों की आवश्यकता महसूस हो रही है।
इन घटनाओं के बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं, जैसे कि कनाडा में एक बच्चे की दुर्लभ रेबीज़ बीमारी का मामला, जिसने स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को उजागर किया। इस संदर्भ में पाकिस्तान का एस‑400 खोजने के लिए जासूसी नेटवर्क स्थापित करना एक व्यापक सुरक्षा परिदृश्य का हिस्सा माना जा सकता है, जहाँ राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए विभिन्न उपाय अपनाए जा रहे हैं।

