प्लायमाउथ ब्रीदरन क्रिश्चियन चर्च ने संसद में आयोजित एक पूछताछ में यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी दाएँ‑पंथी प्रभावशाली व्यक्तियों को चुनावी स्टंट के लिए भुगतान नहीं करता। इस बयान के बाद कई समाचार पत्रों ने इस बात को ‘पूरी तरह झूठ’ कहा, परन्तु चर्च के प्रवक्ता ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है और कोई भी ऐसी वित्तीय लेन‑देन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि चर्च का कोई भी राजनीतिक दल, विशेषकर लिबरल पार्टी, के पक्ष में स्वयंसेवकों का समन्वय नहीं है।

यह विवाद पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय कांग्रेस द्वारा मतदान अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग और ऑस्ट्रेलिया में विभिन्न राजनैतिक घटनाओं के साथ जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के नेता जयाराम रमेश ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था, जिससे मतदान अधिकार की महत्ता पर चर्चा बढ़ी। इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया में कई खेल सितारे और कलाकारों की सार्वजनिक उपस्थिति ने राजनीतिक माहौल को और जटिल बना दिया, जैसा कि पिछले रिपोर्टों में दर्शाया गया था।

संसदीय जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि चर्च ने न तो किसी दाएँ‑पंथी समूह को वित्तीय सहायता दी और न ही चुनावी बूथों पर स्वयंसेवकों को तैनात किया। इस प्रकार के आरोपों से बचने के लिए चर्च ने पारदर्शिता के उपाय अपनाने का वचन दिया और भविष्य में किसी भी प्रकार की राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहने की घोषणा की। यह कदम सार्वजनिक विश्वास को पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।