अजीत दोवाल, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भारत-चीन सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि नियुक्त हैं, आज बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सीमा वार्ता के प्रारम्भिक चरण में आयोजित की जा रही है, जहाँ दोनों पक्ष शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त कर रहे हैं। दोवाल ने पहले स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के खुलने को ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक संकेत माना था, जिससे उनका अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रभाव स्पष्ट होता है।

पिछले कुछ हफ्तों में दोवाल ने ब्रिक्स समूह में भारत की बढ़ती भूमिका को "विशेष गठबंधन" कहा था और इस पर गर्व व्यक्त किया था। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में ऊर्जा मार्गों की महत्ता पर प्रकाश डाला था, जो वर्तमान में भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण कारक बन गया है। इन बयानों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

बीजिंग में इस बैठक से आशा की जा रही है कि सीमा विवादों के समाधान के लिए व्यावहारिक कदम उठाए जाएंगे, साथ ही व्यापार और ऊर्जा सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। दोवाल और हान झेंग दोनों ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि क्षेत्रीय शांति के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं है, और इसलिए संवाद को निरंतर जारी रखना आवश्यक है। इस मुलाकात के सफल परिणाम से दक्षिण एशिया में स्थिरता और विश्व स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को बल मिलेगा।