कोकरॉच जनता पार्टी ने हाल ही में अपने राष्ट्रीय कार्यसमिति के विस्तार की घोषणा की, जिसमें अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक के रूप में पुनः स्थापित किया गया। यह कदम पार्टी को आगामी 5 सितंबर को दिल्ली में आयोजित शांति मार्च की तैयारी में संगठित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले महीने केतन अग्रवाल के परिवार और निवासियों द्वारा आयोजित मोमबत्ती मार्च ने सामाजिक न्याय की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया, जिससे सीजेपी को भी समान मंच पर आवाज़ उठाने की प्रेरणा मिली।
नई नियुक्तियों में विभिन्न राज्य स्तर के कार्यकर्ता, रणनीतिक योजनाकार और संवाददाता शामिल हैं, जो मार्च की योजना, सुरक्षा व्यवस्था और जनसम्पर्क को सुदृढ़ करेंगे। दिल्ली पुलिस ने अभी तक भारत गेट पर किसी प्रदर्शन की अनुमति नहीं मांगी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मार्च शांतिपूर्ण रूप से आयोजित होगा। इस संदर्भ में, पार्टी ने सभी प्रतिभागियों से शांति और कानून के पालन की अपील की है, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे।
वर्तमान में विश्व भर में कई राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन सक्रिय हैं; ऑस्ट्रेलिया में बजट संबंधी बहस और क्वींसलैंड की बुनियादी ढाँचा योजना जैसी घटनाएँ इस प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। इसी प्रकार, भारत में विभिन्न न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा तेज़ी से बढ़ रही है। सीजेपी का यह मार्च न केवल अपनी मांगों को प्रस्तुत करने का मंच है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिक भागीदारी को सुदृढ़ करने का भी एक अवसर है।

