विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में सभी छह सदस्य देशों - बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख शामिल हुए। यह बैठक दिल्ली में आयोजित की गई थी।
बांग्लादेश ने कहा है कि सार्क और बिम्सटेक प्रतिद्वंद्वी नहीं हो सकते हैं। दोनों संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। बांग्लादेश के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सार्क और बिम्सटेक दोनों ही क्षेत्रीय संगठन हैं जो दक्षिण एशिया और आसपास के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देते हैं। सार्क में आठ सदस्य देश हैं - अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका। बिम्सटेक में सात सदस्य देश हैं - बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड।
दोनों संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने से क्षेत्रीय विकास और स्थिरता में मदद मिल सकती है। बांग्लादेश के बयान से यह उम्मीद बढ़ी है कि दोनों संगठनों के बीच सहयोग बढ़ेगा और क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान निकाला जा सकेगा।

