जीसीसी ने सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय के निर्देशों के अनुसार सख्त चेतावनी दी है, सभी जोनल अधिकारियों और सहायक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि वे सभी निगम कार्यालयों में डीवीएसी संपर्क नंबर वाले बोर्ड प्रमुखता से प्रदर्शित करें ताकि शिकायतों की रिपोर्टिंग को सुविधाजनक बनाया जा सके।
इस निर्णय के बाद, सात जीसीसी अधिकारियों को डीवीएसी छापे के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जीसीसी द्वारा उठाए गए इस कदम से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हों और नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। डीवीएसी छापे के बाद जीसीसी अधिकारियों को निलंबित करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगी। यह निर्णय न केवल जीसीसी अधिकारियों के लिए बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक सख्त संदेश है।
इस पूरे मामले में यह देखा जा रहा है कि कैसे सरकार और डीवीएसी मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। जीसीसी अधिकारियों को निलंबित करने के बाद, अब यह उम्मीद की जा रही है कि अन्य विभागों में भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। यह कदम न केवल भ्रष्टाचार को कम करने में मदद करेगा, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी बढ़ाएगा।

