तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में एक बहु‑आयामी मिशन की घोषणा की है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों के नमक सेवन को कम करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में लोगों का औसत नमक सेवन पाँच ग्राम की सिफारिश से दो‑तीन ग्राम अधिक है, जिससे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा है। इस समस्या को हल करने के लिये सरकार ने विभिन्न स्तरों पर उपायों का एक समुच्चय तैयार किया है।

इस मिशन के तहत सबसे पहले सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें टेलीविजन, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कम नमक के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही, स्कूल‑कॉलेज में पोषण शिक्षा को अनिवार्य किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी स्वस्थ आहार के महत्व को समझे। खाद्य उद्योग पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिससे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा को नियमन किया जा सके।

सरकार ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को भी इस योजना में सक्रिय भूमिका निभाने के लिये निर्देशित किया है। वे नियमित रूप से रक्तचाप जांच और पोषण परामर्श प्रदान करेंगे, तथा उच्च जोखिम वाले समूहों को विशेष सहायता देंगे। इस व्यापक पहल से न केवल रोगों की रोकथाम होगी, बल्कि स्वास्थ्य‑सेवा पर आर्थिक बोझ भी घटेगा, जिससे तमिलनाडु की समग्र जन‑स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा।